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Tuesday, April 21, 2020

राग पुरिया कल्याण का परिचय

वादी: सा
संवादी: 
थाट: MARWA
आरोह: ऩिरे॒ग म॓प धनिसां
अवरोह: सांनिधप म॓गम॓रे॒गरे॒सा
पकड़: निधप म॓ग म॓रे॒ग रे॒सा
रागांग: उत्तरांग
जाति: SAMPURN-SAMPURN
समय: रात्रि का प्रथम प्रहर
विशेष: राग पुरिया और कल्याण का मिश्रण है। कल्याण की छाया से बचने के लिये रे॒ का एवं, पुरिया से बचने के लिये प का प्रयोग करना चाहिये। समप्रकृत राग - पूरिया धनाश्री, मारवा, पुरिया तथा कल्याण ।

राग गोरख कल्याण का परिचय

राग गोरख कल्याण का परिचय
वादी: 
संवादी: सा
थाट: KHAMAJ
आरोह: सारेमध नि॒धसां
अवरोह: सांनि॒धम धपम रेम रेसाऩि॒ध़सा
पकड़: रेम रेसाऩि॒ ऩि॒ध़सा
रागांग: उत्तरांग
जाति: SHADAV-SHADAV
समय: रात्रि का द्वितीय प्रहर
विशेष: इस राग का कल्याण राग से कोई सम्बन्ध नहीं है। दुर्गा राग से बचाव के लिए साऩिध़सा, बागेश्री से बचाव हेतु रेमरेसाऩि॒ एवं केदार से बचाव के लिए रेंसांनि॒धसां का प्रयोग करना चाहिए।

राग जलधर केदार का परिचय

वादी: 
संवादी: सा
थाट: BILAWAL
आरोह: सारेसा म रेप मपधसां
अवरोह: सां धपम पमरेसा
पकड़: सारेसा मपधसांरें॒सां धपम पम रेसा
रागांग: पूर्वांग
जाति: AUDAV-AUDAV
समय: रात्रि का द्वितीय प्रहर
विशेष: वर्जित-गंधार निषाद। केदार(साम पम धपम रेसा) एवं मल्हार(रेपमरे) का मिश्रण है। केदार से बचाव - रेपमरे, मल्हार से बचाव-धप म, दुर्गा से बचाव-सा म रेप।

राग मलुहा केदार का परिचय

वादी: 
संवादी: सा
थाट: BILAWAL
आरोह: सा रेसा प़म़प़ऩि सारेसा मपधप निसां
अवरोह: सानिधप म गिरे गमप गमरे निसारेसा
पकड़: रेसा प़म़ प़ऩि सारेसा
रागांग: पूर्वांग
जाति: SAMPURN-SAMPURN
समय: रात्रि का द्वितीय प्रहर
विशेष: अल्पत्व - म॓। श्याम(प़ऩि सारेसा), कामोद(गमप गमरे सा) और बिलावल(मग मरे सा) का मिश्रण। उभय मध्यम

राग बिलासखानी तोड़ी का परिचय

वादी: ध॒
संवादी: ग॒
थाट: BHAIRAVI
आरोह: नि॒सारे॒ग॒पध॒नि॒ध॒सां
अवरोह: सांनि॒ध॒प ध॒मग॒ रे॒ग॒रे॒सा
पकड़: ध॒मग॒ रे॒ग॒रे॒सा ऩि॒सारे॒ग॒
रागांग: उत्तरांग
जाति: SHADAV-SAMPURN
समय: दिन का द्वितीय प्रहर
विशेष: न्यास-ग॒, ध॒, प। आरोह में मध्यम वर्जित है। अस्पताल-निषाद। छाया-भैरवी तथा कोमल आसावरी।

राग गुर्जरी तोड़ी का परिचय

राग गुर्जरी तोड़ी का परिचय
वादी: ध॒
संवादी: रे॒
थाट: TODI
आरोह: सारे॒ग॒म॓ध॒निसां
अवरोह: सांनिध॒ म॓ध॒म॓ग॒रे॒सा
पकड़: निध॒म॓ग॒ रे॒ग॒रे॒सा
रागांग: उत्तरांग
जाति: SHADAV-SHADAV
समय: दिन का द्वितीय प्रहर
विशेष: वर्जित- प। न्यास-सा,रे॒,ग॒,ध॒। विस्तार ती सप्तक में। प वर्जित होने से बहादुर तोड़ी की छाया से बचाव होता है।

राग यमनी बिलावल का परिचय

वादी: सा
संवादी: 
थाट: BILAWAL
आरोह: सारेग मग प म॓प गमरेग प निधनिसां
अवरोह: सांनिधप म॓पगमगरे गरेसा
पकड़: सारेग मग प म॓प गमगरे गरेसा
रागांग: पूर्वांग
जाति: SAMPURN-SAMPURN
समय: दिन का प्रथम प्रहर
विशेष: देवगिरि बिलावल से बचने के लिए म॓प गम रेगरेसा का बार-बार प्रयोग होना चाहिए। आरोह में म॓ और अवरोह में म का प्रयोग होता है।

राग मारू बिहाग का परिचय

राग मारू बिहाग का परिचय
वादी: 
संवादी: सा
थाट: KALYAN
आरोह: ऩिसागम म॓प निसां
अवरोह: सां निधप म॓ग म॓ग रेसा
पकड़: म॓गम॓गरे साऩिसामगप म॓ग म॓ग रेसा
रागांग: उत्तरांग
जाति: AUDAV-SAMPURN
समय: रात्रि का द्वितीय प्रहर
विशेष: आरोह में म एवं अवरोह में म तथा म॓ दोनो लगता है। न्यास-ग,प,नि। कल्याण से बचने के लिये म का प्रयोग तथा बिहाग की छाया से बचने के लिये अवरोह में म॓ का प्रयोग होता है।

राग गांधारी का परिचय

वादी: 
संवादी: सा
थाट: ASAWARI
आरोह: सारेमपध॒नि॒सां
अवरोह: सांनि॒ध॒प ध॒मप ग॒रे॒सा
पकड़: ध॒प ध॒मप ग॒रे॒सा
रागांग: उत्तरांग
जाति: SHADAV-SAMPURN
समय: दिन का प्रथम प्रहर
विशेष: आरोह में जौनपुरी तथा अवरोह में विलासखानी तोड़ी की छाया पड़ती है। अवरोह में दोनो ऋषभ के प्रयोग से छाया निवारण होता है।

राग देव गांधार (द्विगांधार) का परिचय

वादी: ध॒
संवादी: 
थाट: ASAWARI
आरोह: सारेगमपध॒नि॒सां
अवरोह: सांनि॒ध॒ प ध॒मप ग॒रेसा
पकड़: ध॒मप ग॒ रेसा रे ऩि॒सा रेगम
रागांग: उत्तरांग
जाति: SAMPURN-SAMPURN
समय: दिन का द्वितीय प्रहर
विशेष: विस्तार- मध्य और तार सप्तक। ग॒ का म के साथ स्पर्श एवं रे का सा के साथ स्पर्श आवश्यक। न्यास- सा, ग, प और ध॒। आसावरी एवं जौनपूरी की छाया बचाव-ग।

राग देवगिरि बिलावल का परिचय

वादी: सा
संवादी: 
थाट: BILAWAL
आरोह: साऩिध़ सारेग गमरेग गप निध निसां
अवरोह: सांधनि॒प गमनि॒धप मग रेगरेसा
पकड़: सा ऩिध़ सारेग मग रेसा
रागांग: पूर्वांग
जाति: SAMPURN-SAMPURN
समय: दिन का प्रथम प्रहर
विशेष: 
बहुत्व-म। 
अल्पत्व-म॓। 
कल्याण और बिलावल का मिश्रण। न्यास-ग और प। 
यमनी बिलावल की छाया से बचाव-गपमगरेसा का प्रयोग।

Monday, April 20, 2020

राग आनन्द भैरव का परिचय

वादी: 
संवादी: सा
थाट: BHAIRAV
आरोह: सारे॒गमपधनिधनिसां
अवरोह: सांधनि॒पमगमरेसा
पकड़: सारे॒ गमप सांधनि॒प मगमरेसा
रागांग: पूर्वांग
जाति: SAMPURN-SAMPURN
समय: दिन का प्रथम प्रहर
विशेष: इस राग में पूर्वांग में भैरव और उत्तरांग में बिलावल राग की प्रधानता है। आरोह में नि और अवरोह में नि॒ का प्रयोग होता है।

राग मधुवन्ती का परिचय

राग मधुवन्ती का परिचय
वादी: 
संवादी: रे
थाट: TODI
आरोह: ऩिसाम॓ग॒म॓पनिसां
अवरोह: सांनिधपम॓ग॒सारेसा
पकड़: ऩिसाम॓ग॒म॓प म॓ग॒ म॓ग॒सारेसा
रागांग: उत्तरांग
जाति: AUDAV-SAMPURN
समय: दिन का तृतीय प्रहर
विशेष: आरोह में रे ध वर्जित है। इसे राग अम्बिका भी कहा जाता है। मुल्तानी और पटदीप से बचाव के लिये रे ध और म॓ का बार-बार प्रयोग किया जाता है।

राग श्याम कल्याण का परिचय

राग श्याम कल्याण का परिचय
वादी: 
संवादी: सा
थाट: KALYAN
आरोह: ऩिसारेम॓पनिसां
अवरोह: सांनिधपम॓ पधम॓प गमरेऩिसारे ऩिसा
पकड़: मरे ऩिसा रेऩिसा रेम॓प
रागांग: उत्तरांग
जाति: AUDAV-SAMPURN
समय: रात्रि का प्रथम प्रहर

Sunday, April 19, 2020

राग गौड़ मल्हार का परिचय

वादी: 
संवादी: सा
थाट: BILAWAL
आरोह: सारे गम रेप मप धनिसां
अवरोह: सांध निप मग मरेसा
पकड़: रेगरेमगरेसा रेपमपधसांधप
रागांग: उत्तरांग
जाति: SAMPURN-SAMPURN
समय: रात्रि  का द्वितीय प्रहर
विशेष: यह राग वर्षा ऋतु में गाया बजाया जाता है। इस राग में पूर्वांग में गौड़ का तथा उत्तरांग में मल्हार का अंग स्पस्ट होता है।

राग खमाज का परिचय

राग खमाज का परिचय
वादी: 
संवादी: ऩि
थाट: KHAMAJ
आरोह: सागमपधनिसां
अवरोह: सांनि॒धपमगरेसा
पकड़: ऩिसागमप
रागांग: पूर्वांग
जाति: SHADAV-SAMPURN
समय: Night का 卥捯湤 प्रहर

राग देश का परिचय

राग देश का परिचय
वादी: रे
संवादी: 
थाट: KHAMAJ
आरोह: ऩिसारेमनिसां
अवरोह: सांनि॒धपमगरेसा
पकड़: ऩिसारेम
रागांग: पूर्वांग
जाति: AUDAV-SAMPURN
समय: Night का 卥捯湤 प्रहर

राग रामकली का परिचय

वादी: ध॒
संवादी: रे॒
थाट: BHAIRAV
आरोह: सागमपध॒निसां
अवरोह: सांनिध॒पम॓पध॒नि॒ध॒पगमरे॒सा
पकड़: पध॒म॓प म॓पध॒नि॒ध॒प गमनि॒ध॒प
रागांग: पूर्वांग
जाति: AUDAV-SAMPURN
समय: दिन का प्रथम प्रहर